755 साल पुराने ऐतिहासिक परकोटे पर बन गए मकान

जयपुर का परकोटा यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज लिस्ट में शामिल किया जा चुका है। वहीं, काेटा का 755 साल पुराना परकाेटा अतिक्रमण का शिकार हाे चुका है। बूंदी के राजकुमार जैत सिंह ने 1264 में इसकी नींव डाली थी। भास्कर पड़ताल में पता चला कि कहीं बुर्ज पर अतिक्रमण है ताे कहीं परकाेटे पर ही मकान बन गए हैं। अधिकतर जगह परकाेटे पर मकान अाैर दुकानें बन चुकी हैं। गढ़ पैलेस से लेकर पाटनपाेल गेट, रामपुरा, फतेहगढ़ी, लाडपुरा, लक्खी बुर्ज, जयपुर गाेल्डन, सूरजपाेल, किशाेरपुरा तक अतिक्रमण है। सिर्फ रामतलाई में परकाेटे पर अतिक्रमण नहीं हुअा है। यहां परकाेटा लगभग 10 फीट चाैड़ा है।

इतिहास : जयपुर अाैर ग्वालियर के शासक तक भेद नहीं पाए परकोटा

इतिहासकार डाॅ. जगतनारायण बताते हैं कि काेटा का परकाेटा हिन्दुस्तान के सबसे मजबूत परकाेटाें में से एक है। उन्हाेंने बताया कि हर महाराव के समय परकाेटा का विकास हुअा है। राम तलाई, सूरजपाेल गेट, लक्खी बुर्ज, किशाेरपुरा, रामपुरा, लाडपुरा गेट के पास अलग-अलग समय परकाेटे बने हैं। यहां के परकाेटे की मजबूती की मिसाल यह है कि जयपुर अाैर ग्वालियर के शासक तक काेटा के किले काे भेद तक नहीं पाए।